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अस-सलातु वस्-सलाम ऐ सरवर-ए-आली मक़ाम

Written by Mustafa Raza Khan Qadri

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अस-सलातु वस्-सलाम ऐ सरवर-ए-आली मक़ाम अस-सलातु वस्-सलाम ऐ रहबर-ए-जुमला अनाम अस-सलातु वस्-सलाम ऐ मज़हर-ए-जात-ए-स-सलाम अस-सलातु वस्-सलाम ऐ पैकर-ए-हुस्न-ए-तमाम अस-सलातु वस्-सलाम अस-सलातु वस्-सलाम ऐ नबियों के नबी और ऐ रसूलों के इमाम या हबीबल्लाह अंत महबतु-ल-वह्यि-ल-मुबीन इन्नी मुज़निबुन सय्यिदी अंत शफीउ-ल-मुज़निबीन या रसूलल्लाह अंत सादिकु-ल-वअदि-ल-अमीन या नबियल्लाह अंत रहमतुल्-लिल्-आलमीन अस-सलातु वस्-सलाम अस-सलातु वस्-सलाम ऐ नबियों के नबी और ऐ रसूलों के इमाम ऐ शह-ए-अर्श-ए-आस्तां ऐ सरवर-ए-कौन-ओ-मकां ऐ मेरे ईमान-ए-जां ऐ जान-ए-ईमान-ए-ज़मां ऐ मेरे अमन-ओ-अमां ऐ सरवर-ए-हर दो जहां मैं हूँ आसी सरवरा और तुम शफी-ए-आसियां अस-सलातु वस्-सलाम अस-सलातु वस्-सलाम ऐ नबियों के नबी और ऐ रसूलों के इमाम ऐ कि तेरी जात-ए-आली सिर-ए-हर मौजूद है ऐ वो सरवर जिस पे सदक़े बोद हर नाबूद है ऐ वो जिस का दर फ़ैज़-ओ-सखा-ओ-जूड है ऐ वो जिस का बाब दुश्मन पर भी ना-मस्दूब है अस-सलातु वस्-सलाम अस-सलातु वस्-सलाम ऐ नबियों के नबी और ऐ रसूलों के इमाम ऐ वो जिस का रब है शाहिद और वो मशहूद है ऐ वो जिस का रब है हामिद और वो महमूद है ऐ वो जिस का रब है कासिद और वो मकसूद है ऐ कि जिस का जूड ऐसा है कि ला मकसूद है अस-सलातु वस्-सलाम अस-सलातु वस्-सलाम ऐ नबियों के नबी और ऐ रसूलों के इमाम क़िब्ला-ए-कौनैन हैं सरकार-ए-इमाम-उल-क़िबलतैन आप हैं फ़तह-ए-ख़ुदा से फ़ातेह-ए-बद्र-ओ-हुनैन दूर दर से जो हुआ तो फिर कहाँ ये अमन-ओ-चैन हम पे भी चश्म-ए-करम हो सय्यिदी बहर-ए-हुसैन अस-सलातु वस्-सलाम अस-सलातु वस्-सलाम ऐ नबियों के नबी और ऐ रसूलों के इमाम ऐ शहंशाह-ए-दो-आलम शाफ़े-ए-रोज़-ए-क़ियाम ज़ेब-ए-गुलज़ार-ए-तैबा मरज-ए-हर ख़ास-ओ-आम हाज़िर-ए-दर आज हैं सरकार के रिज़वी ग़ुलाम अज़ पये अहमद रज़ा मक़बूल हो उन का सलाम अस-सलातु वस्-सलाम अस-सलातु वस्-सलाम ऐ नबियों के नबी और ऐ रसूलों के इमाम