सुल्तान-ए-विलायत
वलियों पे हुकूमत
शहबाज़-ए-ख़िताबत
फ़ानूस-ए-हिदायत
सरताज-ए-शरीअत
हैं रब की नेअमत
अल्लाह की रहमत
हैं बाइस-ए-बरकत
हैं साहिब-ए-इज़्ज़त
हैं बहर-ए-सख़ावत
दरया-ए-करामत
फ़र्माओ हिमायत
टल जाए मुसीबत
सरापा शराफ़त
हैं मख़ज़न-ए-अज़मत
जवाब: ग़ौस-ए-पाक
ऐ माह-ए-विलायत ग़ौस-ए-पाक
हो हम पे इनायत ग़ौस-ए-पाक
कमज़ोर की ताक़त ग़ौस-ए-पाक
मजबूर की राहत ग़ौस-ए-पाक
हो मेरी शफ़ाअत ग़ौस-ए-पाक
दिलवाएं जन्नत ग़ौस-ए-पाक
दो शौक़-ए-इबादत ग़ौस-ए-पाक
दो ज़ौक़-ए-तिलावत ग़ौस-ए-पाक
इसयां से हो नफ़रत ग़ौस-ए-पाक
नेकी की दो उल्फ़त ग़ौस-ए-पाक
दो बदियों से नफ़रत ग़ौस-ए-पाक
सरकार की उल्फ़त ग़ौस-ए-पाक
दो अपनी मोहब्बत ग़ौस-ए-पाक
बे-कस की हिमायत ग़ौस-ए-पाक
बे-बस की हैं राहत ग़ौस-ए-पाक
हो दूर ये फ़ुरक़त ग़ौस-ए-पाक
दे तुझे क़ुर्बत ग़ौस-ए-पाक
मिस्कीन की दौलत ग़ौस-ए-पाक
मोहताज की सरवत ग़ौस-ए-पाक
वो आप की हैबत ग़ौस-ए-पाक
जिनों पे हुकूमत ग़ौस-ए-पाक
दो दीद का शरबत ग़ौस-ए-पाक
मैं कर लूँ ज़ियारत ग़ौस-ए-पाक
दे दो ये सआदत ग़ौस-ए-पाक
मैं देख लूँ तुर्बत ग़ौस-ए-पाक
जब हो मेरी रिहलत ग़ौस-ए-पाक
देखूँ तेरी सूरत ग़ौस-ए-पाक
दो जज़्बा-ए-ख़िदमत ग़ौस-ए-पाक
दूँ नेकी की दावत ग़ौस-ए-पाक
मरहबा या ग़ौस-ए-पाक
मरहबा या ग़ौस-ए-पाक