Home/Muhammad Ilyas Attar Qadri/Lootnay Rehmatein Qafilay Mein Chalo

Lootnay Rehmatein Qafilay Mein Chalo

Written by Muhammad Ilyas Attar Qadri

100%
लूटने रहमतें क़ाफ़िले में चलो सीखने सुन्नतें क़ाफ़िले में चलो चाहो गर बरकतें क़ाफ़िले में चलो पाओगे अज़मतें क़ाफ़िले में चलो होंगी हल मुश्किलें क़ाफ़िले में चलो ख़त्म हों शामतें क़ाफ़िले में चलो तैयबा की जुस्तजू हज्ज की गर आरज़ू है बता दूँ तुम्हें क़ाफ़िले में चलो उल्फ़त-ए-मुस्तफ़ा और ख़ौफ़-ए-ख़ुदा चाहने गर तुम्हें क़ाफ़िले में चलो गर मदीने का ग़म चाहिये चश्म-ए-नम लेने ये नेमतें क़ाफ़िले में चलो क़र्ज़ होगा अदा आ के मांगो दुआ पाओगे बरकतें क़ाफ़िले में चलो दुःख का दरमां मिले आएंगे दिन भले ख़त्म हों गर्दिशें क़ाफ़िले में चलो ग़म के बादल छटें ख़ूब ख़ुशियां मिलें दिल की कलियां खिलें क़ाफ़िले में चलो हो क़वी हाफ़िज़़ा ठीक हो हाज़मा काम सारे बनें क़ाफ़िले में चलो इल्म हासिल करो जहल ज़ाइल करो पाओगे राहतें क़ाफ़िले में चलो क़र्ज़ का बार हो, बे-कसी यार हो चाहो गर राहतें क़ाफ़िले में चलो गरचे हों गर्मियां या कि हों सर्दियां चाहे हों बारिशें क़ाफ़िले में चलो गूंजें गर बिजलियां या चलें आंधियां चाहे ओले पड़ें क़ाफ़िले में चलो (एक इस्लामी भाई ने इस तरह के कुछ अशआर लिखे थे, उन में से बा'ज़ शामिल कर के अल्हम्दुलिल्लाह मैं ने इसी बहर पर काफ़ी अशआर मौज़ूं किये। सग्-ए-मदीना अफ़ी अन्हु) बारह माह के लिए तमन्ना दिन के लिए बारह दिन दे ही दें क़ाफ़िले में चलो सुन्नतें सीखने तीन दिन के लिए हर महीने चलें क़ाफ़िले में चलो ऐ मेरे भाइयों! रट लगाते रहो क़ाफ़िले में चलें क़ाफ़िले में चलो फ़ोन पर बात हो या मुलाक़ात हो सब से कहते रहें क़ाफ़िले में चलो आप बाज़ार में हों या दफ़्तर में हों सब से कहते रहें क़ाफ़िले में चलो दर्स दें या सुनें या बयां जो करें इस में ये भी कहें क़ाफ़िले में चलो आशिक़ान-ए-रसूल उन से हम मदनी फूल आओ लेने चलें क़ाफ़िले में चलो आशिक़ान-ए-रसूल आए लेने दुआ आओ मिल कर चलें क़ाफ़िले में चलो आशिक़ान-ए-रसूल आए हैं मरहबा ख़ैर ख़्वाही करें क़ाफ़िले में चलो आप जब भी सुनें क़ाफ़िला आ गया ख़ैर ख़्वाही करें क़ाफ़िले में चलो खाने के चलें ठंडा शरबत भी लें ख़ैर ख़्वाही करें क़ाफ़िले में चलो उन पे रहमतें क़ाफ़िले का सुनाएं ख़ैर ख़्वाही करें क़ाफ़िले में चलो बख़्शिश दे मेरे मौला तो उन को के जो ख़ैर ख़्वाही करें क़ाफ़िले में चलो या ख़ुदा हर घड़ी रट हो अत्तार की क़ाफ़िले में चलें क़ाफ़िले में चलो