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Tum Par Lakhon Salam

Written by Mustafa Raza Khan Qadri

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तुम पर लाखों सलाम तुम पर लाखों सलाम, तुम पर लाखों सलाम सब से आला इज़्ज़त वाले, ग़ल्बा ओ क़हर ओ ताक़त वाले हुर्मत वाले करामत वाले, तुम पर लाखों सलाम तुम पर लाखों सलाम ज़ाहिर बाहिर सयादत वाले, ग़ालिब क़ाहिर रियासत वाले क़ुव्वत वाले शहादत वाले, तुम पर लाखों सलाम तुम पर लाखों सलाम नूर-ए-इल्म ओ हिकमत वाले, नाफ़िज़ जारी हुकूमत वाले रब की आला ख़िलाफ़त वाले, तुम पर लाखों सलाम तुम पर लाखों सलाम आप का चाहा रब का चाहा, रब का चाहा आप का चाहा रब से ऐसी चाहत वाले, तुम पर लाखों सलाम तुम पर लाखों सलाम तुम हो शह-ए-औरंग-ए-ख़िलाफ़त, तुम हो वाली-ए-मुल्क-ए-जलालत तुम हो ताज-ए-रिफ़अत वाले, तुम पर लाखों सलाम तुम पर लाखों सलाम रब के प्यारे राज दुलारे, हम हैं तुम्हारे तुम हो हमारे ऐ दामान-ए-रहमत वाले, तुम पर लाखों सलाम तुम पर लाखों सलाम धो दें गुनाह के धब्बे काले, अब्र-ए-करम के बरसें झाले गैसुओं वाले रहमत वाले, तुम पर लाखों सलाम तुम पर लाखों सलाम डगमग डगमग नैया हाले, जीरा कांपे तोयी संभाले आह दुहाई रहमत वाले, तुम पर लाखों सलाम तुम पर लाखों सलाम गबड़ी नांव कौन संभाले, हाय भंवर से कौन निकाले हां हां ज़ोर ओ ताक़त वाले, तुम पर लाखों सलाम तुम पर लाखों सलाम राजा परजा आप के द्वारे सब हैं बैठे झोली पसारे दाता प्यारे दौलत वाले तुम पर लाखों सलाम तुम पर लाखों सलाम खेवन हारे खेवन हारे बइयां पकड़े मोरे प्यारे कुव्वत वाले हिम्मत वाले तुम पर लाखों सलाम तुम पर लाखों सलाम अपने पराये आप के दर से नेमतें पायें झोलियां भर के अल्लाह अल्लाह सखावत वाले तुम पर लाखों सलाम तुम पर लाखों सलाम अर्शे उला पर रब ने बुलाया अपना जलवा ख़ास दिखाया ख़लवत वाले जलवत वाले तुम पर लाखों सलाम तुम पर लाखों सलाम तख़्त तुम्हारा अर्शे ख़ुदा का मुल्के ख़ुदा है मुल्क तुम्हारा रब की आला ख़िलाफ़त वाले तुम पर लाखों सलाम तुम पर लाखों सलाम दे दिए तुम को अपने ख़ज़ाने रब्बे इज़्ज़त रब्बे उला ने दोनों जहां की नेमत वाले तुम पर लाखों सलाम तुम पर लाखों सलाम ऐसी दौलत पायी फिर भी मिस्कीनी ही तुम ने चाही मिस्कीनों पर रहमत वाले तुम पर लाखों सलाम तुम पर लाखों सलाम आप से दौलत पाये दुनिया आप करें ख़ुद फ़ाक़ा पे फ़ाक़ा ऐसी बख़्शिशो दौलत वाले तुम पर लाखों सलाम तुम पर लाखों सलाम नेमतें तुम औरों को खिलाओ ख़ुद खाओ तो जो की खाओ नाने जवीं पे क़नाअत वाले तुम पर लाखों सलाम तुम पर लाखों सलाम दौलते दो आलम को बांटो पेट पे अपने पत्थर बांधो अल्लाह अल्लाह सखावत वाले तुम पर लाखों सलाम तुम पर लाखों सलाम ग़ैरों को अपनों से ज़्यादा बांटी तुम ने दौलते दुनिया माशा अल्लाह हिम्मत वाले तुम पर लाखों सलाम तुम पर लाखों सलाम हम हैं जितने खाती मुख़्ती आप हैं उस से ज़ायद मुअत्ती अफ़्वो सफ़्हो इनायत वाले तुम पर लाखों सलाम तुम पर लाखों सलाम तुम को देखा हक़ को देखा आप की सूरत उस का जलवा अच्छी अच्छी सूरत वाले तुम पर लाखों सलाम तुम पर लाखों सलाम कितने पर्दे हैं चेहरे पर चेहरा फिर भी मानिंदे क़मर ऐ नूरानी सूरत वाले तुम पर लाखों सलाम तुम पर लाखों सलाम सूरते अक़दस से हक़ ज़ाहिर कलमा पढ़ते देख के काफ़िर ऐ हक़्क़ानी सूरत वाले तुम पर लाखों सलाम तुम पर लाखों सलाम बुजहल लईन कलमा पढ़ता देखा ही नहीं उसने शाहा पर्दों वाली सूरत वाले तुम पर लाखों सलाम तुम पर लाखों सलाम ख़ुल्क तुम्हारा ख़ुल्क-ए-इलाही फ़ैज़ तुम्हारा नामुतनाही ऐ पाकीज़ा सीरत वाले तुम पर लाखों सलाम तुम पर लाखों सलाम ऐसी मुक़द्दस ख़्वाब-ए-राहत आप तो सोएं जागे क़िस्मत ऐ रब्बानी दावत वाले तुम पर लाखों सलाम तुम पर लाखों सलाम चश्म-ए-सर ने हक़ को देखा दिल ने हक़ को हक़ ही जाना ऐ हक़्क़ानी सूरत वाले तुम पर लाखों सलाम तुम पर लाखों सलाम मा ज़ाग़ल बसरुका या मौला मा कज़ब क़ल्बुका हीना राअ ऐसी चश्म-ए-बसीरत वाले तुम पर लाखों सलाम तुम पर लाखों सलाम क़ौल-ए-हक़ है क़ौल तुम्हारा इन हुवा इल्ला वहयुं यूहा सिद्क़ ओ हक़ ओ अमानत वाले तुम पर लाखों सलाम तुम पर लाखों सलाम फ़ेअल तुम्हारा फ़ेअल-ए-ख़ुदा है इसका गवाह अल्लाहु रमाँ है हक़ से ऐसी निस्बत वाले तुम पर लाखों सलाम तुम पर लाखों सलाम आप का यद यद-ए-रब्ब-ए-वाहिद फ़ौक़ा अयदीहिम है शाहिद ऐ रब्बानी बैअत वाले तुम पर लाखों सलाम तुम पर लाखों सलाम दीन-ए-हक़ के हादी रहबर तुम हो हक़ के नायब-ए-अकबर नासिख़-ए-अद्यान-ए-शरियत वाले तुम पर लाखों सलाम तुम पर लाखों सलाम हिल्लत ओ हुरमत आप के मुँह से ऐसे ही है जैसे हक़ के हिल्लत वाले हुरमत वाले तुम पर लाखों सलाम तुम पर लाखों सलाम आप का साया कैसे होता आप हैं नूर-ए-हक़ का साया ज़िल्ल-ए-रहमत तलअत वाले तुम पर लाखों सलाम तुम पर लाखों सलाम आप का दम है फ़र्श की नुज़हत और क़दम है अर्श की ज़ीनत हुस्न ओ जमाल ओ लताफ़त वाले तुम पर लाखों सलाम तुम पर लाखों सलाम तुम हो नूर-ए-चश्म-ए-ख़िल्लत तुम हो सुरूर-ए-क़ल्ब-ए-सफ़वत तुम हो वज्द की फ़रहत वाले तुम पर लाखों सलाम तुम पर लाखों सलाम ऐ शाहिद-ए-हक़ शाहिद-ए-उम्मत काफ़िर पर तुम रब की हुज्जत तुम मोमिन की नुसरत वाले तुम पर लाखों सलाम तुम पर लाखों सलाम सुन्नत-ए-रब इज़्ज़त तुम हो ज़ेब ओ ज़ीन-ए-जन्नत तुम हो अमन ओ अमान-ए-उम्मत वाले तुम पर लाखों सलाम तुम पर लाखों सलाम ख़्वाब में जलवा अपना दिखाओ नूरी को तुम नूरी बनाओ ऐ चमकीली रंगत वाले तुम पर लाखों सलाम तुम पर लाखों सलाम तुम पर लाखों सलाम तुम पर लाखों सलाम तुम पर लाखों सलाम