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Fi taqrir-e aishihi radhiyallahu ta'ala 'anhu

Written by Imam Ahmad Raza Khan Qadri

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असफ़िया दर जहद-ओ तू शाहना 'इशरत मी कुनी नोश बाद आनके ख़ुद शायान-ए-हर सामां तूई बुलबुलां रा सोज़-ओ साज़-ओ सोज़-ए-ईशां कम मबाद गुलख़ां रा ज़ेब-ए-ज़ेब-ए-ईं बुस्तां तूई ख़ुश ख़ोर-ओ ख़ुश पोश-ओ ख़ुश ज़ी कोरी-ए-चश्म-ए-अदू शाह-ए-अक़्लीम-ए-तन-ओ सुल्तान-ए-मुल्क-ए-जां तूई कामरां गुन बकाम-ए-दोस्तां ऐ मन फ़िदाक चश्म-ए-हासद कोर बादा नोशा ज़ी शां तूई शाद ज़ी ऐ नौ 'अरूस-ए-शादमानी शाद ज़ी चूं बिहम्दिल्लाह दर मिशकात-ए-ईं सुल्तां तूई बल्के ला वल्लाह काइन्हां हम न अज़ ख़ुद कर्दा रफ़्त फ़रमां ईं चुनीं-ओ ताबे'-ए-फ़रमां तूई तर्क-ए-निस्बत गुफ़्तम अज़ मन लफ़्ज़-ए-मह्युद्दीन मख्वाह ज़ानके दर दीं रज़ा हम दीं व हम ईमां तूई हम ब-दिक्क़त हम ब-शुहरत हम ब-न'अत-ए-औलिया फ़ारिग़ अज़ वस्फ़-ए-फ़ुलां-ओ मिदहत-ए-बहमां तूई