ग़म के बादल छटें क़ाफ़िले में चलो
ख़ूब ख़ुशियां मिलें क़ाफ़िले में चलो
माल चोरी हुआ, या कहीं गुम गया
ख़ैर होगी सुनें, क़ाफ़िले में चलो
मांगो आ कर दुआ, पाओगे मुद्दआ
दर-ए-करम के खुलें, क़ाफ़िले में चलो
अच्छी सोहबत मिले, ख़ूब बरकत मिले
चल पड़ो चल पड़ें, क़ाफ़िले में चलो
लूट लें रहमतें, ख़ूब बरकतें
ख़्वाब अच्छे दिखें, क़ाफ़िले में चलो
कुफ़्र की कालियों, दूर हों ज़ुल्मतें
आओ कोशिश करें, क़ाफ़िले में चलो
रब के दर पर झुकें, इल्तिजाएं करें
बाब-ए-रहमत खुलें, क़ाफ़िले में चलो
है नबी की नज़र, क़ाफ़िले वालों पर
पाओगे राहतें, क़ाफ़िले में चलो
सादगी चाहिए, आज़िज़ी चाहिए
लेने ये नेअमतें, क़ाफ़िले में चलो
आशिक़ान-ए-रसूल, आए सुन्नत के फूल
देने लेने चलें, क़ाफ़िले में चलो
देते हैं फ़ैज़-ए-आम, औलिया-ए-किराम
लूटने सब चलें, क़ाफ़िले में चलो