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गुरेज़-ए-रब्त आमेज़ बसू-ए-मदह-ए-ज़ौक़ अंगेज़

Written by Imam Ahmad Raza Khan Qadri

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या हुमना परतू-ए अज़ शम-ए-जिलानी बर तू ताफ़्त काइनचोनीं अज़ ताबिश-ओ-तप हर दो बासामां तूई आं शहे कांदर पनाहश हुस्न-ओ-इश्क़ आसूदा-अंद हर दो रा ईमा के शाहा मलजा-ए मायां तूई हुस्न रंगश इश्क़ बोयश हर दो बर रुयश निसार ईं सरायद जां तूई वां नग़मा ज़न जाना तूई इश्क़ दर नाज़श के ता जाना रसादीदम तरा हुस्न दर बालश के ख़ुद शाख़ी ज़ महबूबां तूई इश्क़ गुफ़्तश सय्यादा बरख़ेज़-ओ-रू बर ख़ाक-ए-रह Husn गुफ़्त अज़ अर्श बग़ुज़र परतू-ए-यज़दां तूई