इज़न-ए-तैयबा मुझे सरकार-ए-मदीना दे दो
ले चले मुझ को जो तैयबा वो सफीना दे दो
याद-ए-तैयबा में तड़पने का क़रीना दे दो
चश्म-ए-तर सोज़-ए-जिगर शाह-ए-मदीना दे दो
फूँक दे जो मरी खुशियों का नशीमन आक़ा
चाक-ए-दिल चाक-ए-जिगर सोज़िश-ए-सीना दे दो
चार यारों का तुम्हें वास्ता देता हूँ शहा!
अपना ग़म मुझ को शहंशाह-ए-मदीना दे दो
वक़्त-ए-आख़िर है चली जान-ए-रसूल-ए-अकरम
एक झलक ऐ मरे सुलतान-ए-मदीना दे दो
सदक़ा शहज़ादी-ए-कौदैन का क़दमों में मौत
मुझ को दे दो मरे सुलतान-ए-मदीना दे दो
कसरत-ए-माल की आफ़त से बचा आक़ा
अपने अत्तार को उल्फ़त का ख़ज़ीन दे दो