ना मायूस हो मेरे दुख दर्द वाले
दर-ए-शाह पर आ हर मरज़ की दवा ले
जो बीमार-ए-ग़म ले रहा हो संभाले
वो चाहे तो दम भर में इसको संभाले
ना कर इस तरह ऐ दिल-ए-ज़ार नाले
वो हैं सब की फ़रियाद के सुनने वाले
कोई दम में अब डूबता है सफ़ीना
ख़ुदारा ख़बर मेरी ऐ नाख़ुदा ले
सफ़र कर ख़याल-ए-रुख़-ए-शाह में ऐ जां
मुसाफ़िर निकल जा उजाले उजाले
तही दस्त-ओ-सौदा-ए-बाज़ार-ए-महशर
मेरी लाज रख ले मेरे ताज वाले