तवारीख़-ए-तब्अ

Written by Maulana Muhammad Jamil-ur-Rehman Razvi

100%
तारीख़-ए-तब्अ अज़ सय्यद वाहिद अली साहिब रिज़वी बरेलवी शागिर्द-ए-हज़रत-ए-मुसन्नफ़ मेरे उस्ताद-ए-मुअज़्ज़म का छपा मज्मूआ जिस के हर शेर से इश्क़-ए-नबवी है ताबां तब्अ के साल की जब फ़िक्र हुई वाहिद को बोला हातिफ़ कि लिखो दफ़्तर-ए-नूर-ए-अरफ़ां तारीख़-ए-तब्अ अज़ सूफ़ी अहमद साहिब रिज़वी बरेलवी शागिर्द-ए-हज़रत-ए-मुसन्नफ़ मेरे उस्ताद का छपा वह कलाम जिस का मुद्दत से दिल में था अरमान तब्अ का सन अज़ीज़ रिज़वी ने लिख दिया दफ़्तर-ए-गौहर अफ़्शां