Home/Muhammad Ilyas Attar Qadri/Tu Hi Malik-e-Bahr o Bar Hai Ya Allah Ya Allah

तू ही मालिक-ए-बहर ओ बर है या अल्लाह या अल्लाह

Written by Muhammad Ilyas Attar Qadri

100%
तू ही मालिक-ए-बहर ओ बर है या अल्लाह या अल्लाह तू ही ख़ालिक-ए-जिन ओ बशर है या अल्लाह या अल्लाह तू अबदी है तू अज़ली है तेरा नाम अलीम ओ आला है ज़ात तेरी सब से बरतर है या अल्लाह या अल्लाह वस्फ़ बयां करते हैं सारे संग ओ शजर और चांद सितारे तस्बीह हर ख़ुश्क ओ तर है या अल्लाह या अल्लाह तेरा चर्चा हर घर आंगन सहरा सहरा गुलशन गुलशन वासिफ हर फूल और समर है या अल्लाह या अल्लाह ख़िलक़त जब पानी को तरसे रिम झिम रिम झिम बरसाए हर इक पर रहमत की नज़र है या अल्लाह या अल्लाह रात ने जब सरापा छुपाया चिड़ियों ने यह ज़िक्र सुनाया नग़्मा बार-ए-नसीम-ए-सहर है या अल्लाह या अल्लाह बख़्श दे तू अत्तार को मौला वास्ता तुझ को उस प्यारे का जो सब नबियों का सरवर है या अल्लाह या अल्लाह