Wazifa-e-Qadriya

Written by Imam Ahmad Raza Khan Qadri

100%
सक़ा-नल-हुब्बु कासातिल विसाली फ़क़ुल्तु लिख़मरती नहवी तआला दाद-ए-इश्क़म जाम-ए-वस्ल-ए-किबरिया पस बगुफ़्तम बाद-अम रा सूयम आ अस्सलात ऐ फ़ज़ला ख़ोरान-ए-हुज़ूर शाह बर जूदस्त-ओ-सहबा दर वफ़ूर बख़्श गर्दन गर ब-अज़्म-ए-ख़ुसरवी स्त आख़िर ईं नोशीदा ख़ानदन बहर चीस्त सअत व मशत लिनहवी फ़ी कुऊसिन फ़हिम-तु लिसुकरती बै-नल मवाली शुद रवां दर जामहा सूयम रवां वाल्लाह-ए-सुकरम शुदम दर सरवरान शुक्र-ए-तू अज़ ज़िक्र-ओ-फ़िक्र अकबर बूद सुकर को चूं हुक्म-ए-ख़ुद बर मी रसद सूए मय बर बू-ए-मय मर्दां रवां बाद-ए-ख़ुद सूयत ब-पा-ए-सर रवां फ़क़ुल्तु लिस-आ-इरिल अक़ताबी लुम्मु बिहाली वद-खुलु अन्तुम रिजालि गुफ़्तम ऐ कुत्बां ब-औन-ए-शान-ए-मन जुमला दर आईद ता मर्दां-ए-मन जम्अ ख़ान्दी ता क़वी दिलहा शवन्द हम ज़-औन-ए-हाल-ए-ख़ुद दादी गमन्द वरना ता बाम-ए-हुज़ूर-ए-तू सऊद हाश लिल्लाह ताब-ओ-यारा-ए-के बूद व-हुम्मु वश-रबू अन्तुम जुनूदी फ़सा-क़िल क़ौमी बिल-वाफ़ी मलाली हिम्मत अरीद-ओ-ख़ोरीद ऐ लशकरम साक़ियम दाद-ए-लबाब अज़ करम शुक्र-ए-हक़ जाम-ए-लबरेज़-ए-मय अस्त हर लबाब रा चकीदन दर पय अस्त ता बमा हम आयद इन्शा-अल-अज़ीम आं नसीब-अल-अरज़ी मिन कासिल करीम शरि-बतुम फ़ज़लती मिन बअदी सुकरी व ला निल्तुम उलुवी व इतिसाली मन शुदम सरशार-ओ-सूरम मी चशीद रख़्त ता क़ुर्भ-ओ-उलूम-ए-के कशीद फ़ज़ला ख़ोरान-ए-शहां-ओ-मन गदा-ए रू-ए-आयम के ख़ाहम क़तरा ला-ए यल्लै जूद-ए-शहीम गुफ़्ता मला-ए मय तलब ला नश्नवी ईं जा न ला-ए मक़ामु-कुमुल उला जम्अन व लाकिन मक़ामी फ़ौक़ाकुम मा ज़ाल आलि जा-ए ता बाला-ओ-ले जायम बूद फ़ौक़-ए ता अज़ रोज़-ए-अव्वल ता अबद जाअत बालातर ज़े वहम जाइहा जाइहा खुद हस्त बहर पाइहा पाइहा चे बुद के सरहा ज़ेर-ए-पात पात हम के चूँ फुरूद आई ज़े जाअत अना फी हज़रत-इत-तक़रीबी वहदी व यस्रिफ़ुनी व हस्बी ज़ुलजलाल यगह दर क़ुर्बम् ख़ुदा गर्दान्दम् हाल ओ काफ़ी आं जलील-ए-वाजिदम् ऐक मी गर्दानत आं यक न ग़ैर हाल-ए-मा गर्दां ज़े शरहा सूए ख़ैर ताज-ए-क़ुर्बश शादमाँ बर सर हनह शय-उन लिल्लाही क़ुर्ब-ए-खुद मा रा बदह अनल बाज़ी-यु अशहबु कुल्लि शैखिन व मन ज़ा फ़िररिजालि अअ़्ता मिसाला बाज़-ए-अशहब मा-ओ-शेख़वां चूँ हुमाम किश्त दर मर्दां के चूँ मन याफ़्त काम हब्बज़ा शहबाज़-ए-तैरस्तान-ए-क़ुदस ऐ शिकार-ए-पंजा-अत मुर्गां-ए-क़ुदस शादमाँ बर क़ुमरी-ए-ग़ुतर बिज़न गह निगाह बर ख़स्ता-ए-पुग़दे हम फ़ग़न कसानी ख़िलअ़तन बतिराज़-ए-अज़्म व तव्वजनी बितीजानिल कमाल ख़िलअ़्तम बा ख़ुश निगार-ए-अज़्म दाद बर सरम सद ताज-ए-दाराई निहाद या रब ईं ख़िलअ़त-ए-हुमायूं ता नुशूर हल्लह पोशा यक नज़र बर मुश्त-ए-ऊर ताज रा अज़ फ़र्क़-ए-खुद मेराज देह बर सरम अज़ ख़ाक-ए-राह-ए-त ताज नह व-अतलअ़नी अला सिर्रिन क़दीम व क़ल्लदनी व अअ़्तानी सुआली आगहम फ़रमूद बर राज़-ए-क़दीम उहदा दाद ओ जुमला काम आं करीम उहदा अज़ तू अज़ तू मा ज़े तू मा बज़िल्ल-ए-नेअ़मत ओ हम नाज़-ए-तू यल्ले विख विख विख ज़मां-ए-उज्मी स्त सूए मा शुद शुहना हाला तरस-ए-कीस्त व वल्लानी अलल अक़्ताबि जमअ़न फ़-हुक्मी नाफ़िज़ुन फ़ी कुल्लि हाल वलिम कर्दा बर अक़्ताब-ए-जहाँ पस बहर-ए-हाल सुंट हुक्म-ए-मन रवां अज़ सुरय्या ता सुराए इम्रत-ए-अमीर कज रूए बे-हुक्म रा दर हुक्म-ए-गीर पेश अज़ां काफ़-तद सू-ए-आतिश-ए-नियाज़ नर्म नर्म अज़ दस्त-ए-लुत्फ़त रास्त साज़ फ़लौ अलक़ैतु सिर्री फ़ी बिहारिन लसारल कुल्लु ग़ौरन फ़िज़-ज़वाली राज़-ए-ख़ुद गर अफ़गनम अंदर बिहार जुमला गुम गरदद फ़रो रफ़्ता बहार नफ़्स-ओ-शैतां नज़-ए-जां गोर-ओ-नशूर नामा ख़्वानदन बर सर-ए-ख़ंजर-ए-उबूर नाख़ुदाया हफ़्त दरिया दर रहम दस्त-गीर ऐ यम ज़ी राज़त कम ज़नम व लौ अलक़ैतु सिर्री फ़ी जिबालिन लदुक़-कत वख़्तफ़त बैन्नर रिमालि राज़म अर जलवा दहम गरदद जिबाल पारा पारा गश्ता पिन्हां दर रिमाल ऐ ज़ी राज़त कोह-ओ-काह-ओ-काह-ए-कोह काह-ए-बे-जां रास्त सद्द-ए-राह-ए-कोह ताअतम काह अस्त जुर्मम कोह-वार कोह रा काह-ओ-बपरवर काह-ए-ज़ार व लौ अलक़ैतु सिर्री फ़ौक़ नारिन लख़मदत वंतफ़त मिन सिर्री हाली पर्तु-ए-राज़ अफ़गनम गर बर असीर सर्द-ओ-ख़ामोश गरदद अज़ राज़म समीर नीरा मन नार-ए-जुर्म अफ़रोज़्तम हम दिल-ए-ज़ारम दरवेश सोख़्तम ज़ार-ए-मन अज़ ज़ोर बा ख़ुद नोष कुन नार-ए-मन अज़ नूर-ए-ख़ुद ख़ामोश कुन व लौ अलक़ैतु सिर्री फ़ौक़ मय्यितिन लक़ाम बि-क़ुदरतिल मौलल तआला राज़-ए-ख़ुद बर मुर्दा गर अफ़गनम ज़िंदा बरख़ीज़द बा-इज़्न-ए-ज़ुल-करम ऐ निगाहत ज़िंदा साज़-ए-मुर्दा-हा चीस्त पेशत दर दिले अफ़सुर्दा-हा ईं लबात-ए-शहद बार जलवा कुन क़ुम बफ़रमा मुर्दा-अम रा ज़िंदा कुन व मा मिन्हा शुहूरुन औ दुहूरुन तमुरू व तनक़दी इल्ला अतली नीस्त शहर-ए नीस्त दहर-ए रा मुरूर ता न यायद बर दरम पेश अज़ ज़ुहूर ऐ दर तू मरजअ-ए-हर दहर-ओ-शहर बंदगानत रा चे तर्स अज़ दस्त-ए-दहर हर मह-ए-उम्र-म गुन अज़ मिहरत बख़ैर ख़ैर-ए-महज़ा मन न बीनम हीच ज़ीर व तुख़बिरुनी बिमा यअती व तजरी व तुअलिमुनी फ़अक़सुर अन जदाली जुमला गोयद बा मन अज़ हाल-ओ-सिफ़त अज़ जिदालम दस्त-ए-कोताहत बायदत औहशल्लाह ज़ीद-ए-ईं शह रा जलाल अर्ज़-ए-बैकी दर माह-ओ-साल दर जिदालेश के गुजा याबी अमां खुद कनीज़े ऊ ज़मीं बंदा ज़मां मुरीदी हम व तिब व इशतह व घन व इफ़अल मा तशाउ फ़ल-इस्मु आल बंदा अम खुश मी सरा बेबाक ओ मस्त हर चे ख्वाही कुन के निसबत बरतर अस्त ईं सुखन रा बंदा बायद बंदा गो बंदा कुन ऐ बादशाह बंदा जू शाद ओ पा गोबां रसद जानम ज़े तन बर मुरीदी हम व तिब व इशतह व घन मुरीदी ला तखफ़ अल्लाहु रब्बी अतानी रिफ़अतन निलतुल मनाल रब्बे मन हक़ बंदा अज़ तरसे मनाल रिफ़अत अम आमद रसीदम ता मनाल ऐ तेरा अल्लाह रब महबूब आब तरफ़ा मरबूबी ओ महबूबी अजब रब ओ आब पाकत्त नमूद अज़ रेब ओ ऐब अज़ दिलम बरगश शा हर ऐब ओ रेब मुरीदी ला तखफ़ वश फ़ान्नी अज़ूमून क़ातिलून इन्दल क़िताल बंदा अम तरसे मदार अज़ बदगाल सख्त अज़्म ओ क़ातिलम वक़्ते क़िताल शुक्र-ए-हक़ बा बंदगां शह रा सर अस्त खाना ज़ादीम ज़े आब ओ मादरत बंदा अत रा दुश्मनान दानंद हुस या अज़ूमन क़ातिलन फ़रियाद रस तूबूली फ़िस समाइ वल अर्ज़ी दुक़्क़त व शाउस सआदति क़द बदली नोबतम दर ख़िज़री ओ ग़बरा ज़दंद शुद नक़ीब-ए-मौकबम बहत बुलंद या रब ईं शह रा मुबारक देर बाज़ तख़्त ओ बख़्त ओ ताज ओ बाज ओ साज़ ओ नाज़ बादशाह शुक्रे सुल्तानी-ए-ख़्वेश यक निगाहे बर गदा-ए-सीना रिश बिलादुल्लाहि मुल्की तहता हुक्मी व वक़्ती क़ब्ला क़ल्बी क़द सफ़ाली मुल्के हक़ मुल्कम ते फ़रमाने मन वक़्ते मन शुद साफ़ पेश अज़ जाने मन बारकल्लाहु वसीअता सुल्तानी-ए-तू शर्क़ ता गर्व आं तू क़ुर्बाने तू तीरा वक़्ते ख़ीरा बख़्ते सीना रिश बर दर आमद देह ज़काते वक़्ते ख़्वेश नज़रतू इला बिलादिल्लाहि जम्अन कख़र्दलतिन अला हुक्मे इत्तिसाल दर निगाहम जुमला मुल्के ज़ुलजलाल दाना-ए-ख़र्दल सां बहुकमे इत्तिसाल वह के तू मी बीनी ओ मा दर गुनाह आह आह अज़ गोरी मा आह आह चश्म-ए-देह ता ज़ईं बलाहा वारीहम रू-ए-तो बीनीम ओ बर पा जां दहीम व कुल्लू वलिय्यिन लहू क़दम व इन्नी अला क़दमिन् नबीय्यि बदरुल कमाल हर वली रा एक क़दम दादन्द ओ मा बर क़दमहा-ए-नबी बदरुल उला काम-ए-जहाँ तू ब-गाम-ए-मुस्तफ़ा हैफ़ बर ख़ुत्वात-ए-देव आईंम मा गाम बर गाम-ए-सग-ए-मा रा मुबीन दस्त-ए-देह बर कश सू-ए-राह-ए-मुबीन दरस-तुल इल्मा हत्ता सिरतू क़ुत्बन व निलतुस-सअदा मिन मौलल मवाली दर्स गरदम इल्म ता क़ुत्बे शुदम गर्द-ए-मौला-ए-मवाली असअदम ऐ सईद बू सईद सअद-ए-दीं सअद चरख़त बंदह ऐ सअद-ए-ज़मीन ने हम-ईं सअदी के शाहा सअद कुन सअद कुन ना-सअद मा रा सअद कुन रिजालि फ़ी हवाजिरीहिम सियाम व फ़ी ज़ुल्मिल् लयाली कअल-हिलाल दर तमूज़-ए-रोज़ जईहम रोज़ा दार दर शब-ए-तीरह चो गौहर नूर बार कार-ए-मरदानत सियाम ओ क़ियाम काम-ए-मा दर खुर्द-ए-बाम ओ ख़वाब-ए-शाम मर्द कुन या ख़ाक-ए-राह-त कुन शिताब ईं बहाइम रा चुनां गो कुन तुराब अनल-हसनी वल-मुख़दउ मक़ामी व अक़दामी अला उनुक़िर रिजाल अज़ हसन नस्ल-ए-मन ओ मुख़दअ मक़ाम पा-ए-मन बर गर्दन-ए-जुमला किराम सरवर-ए-मा हम बराह-ए-उफ़तादा-ऐम पा-ए-मालत रा सर-ए-बनिहादा-ऐम गुल बराह-ए-एक क़दम गुल कम बदां हसबतन लिल्लाहि मर ओ दामन कशां अनल-जीलीय्यु मुहयिद-दीनिस मी व अअलामी अला रा'सिल जिबाल मौलिदम जीलां ओ नामम मुहयि-दीं रायतम बर क़ुलहा-ए-कोह हैं ऐ ज़-आयात-ए-ख़ुदा रायात-ए-तू मुअजिज़ात-ए-मुस्तफ़ा आयात-ए-तू जलवा-देह अज़ रायत-ए-ईं आयतत चूं मनी महशूर ज़ैर-ए-रायतत व अब्दुल-क़ादिरिल मशहू-रु इस्मी व जद्दी साहिबुल ऐनिल कमाल नाम मशहूर अस्त अब्दुल-क़ादिर अम ऐन हर फ़ज़्ल आनके जद्द-ए-अकबरम आन जद्दत चूं नबाशद आन-ए-तू वारिस-ए-ऐ जान-ए-मन क़ुर्बान-ए-तू बर रज़ा-ए-नाकिसां अफ़शां नवाल यक चशीदन आबे अज़ बहर-ए-अलकमाल ख़ुफ़्ता दिल ता चंद नंग-ए-ज़ीस्तन बर रुख-अश अज़ बहर-ए-फ़ज़्ल आबे बज़न तिश्ना काम-ए पा ब-दाम-ए-कर्दा ग़श बहर-ए-साइल रा बेगो रू ख़ुद बरश रू बरश ऊ रा बरश बेदार साज़ होश बख़्श-ओ-नोश बख़्श-ओ-जां नवाज़ जां नवाज़ा! जां फ़दा-ए-नाम-ए-तू काम-ए-जां देह ऐ जहां दर काम-ए-तू ईं दुआ अज़ बंदा आमीन अज़ मलक पोज़िश अज़ बगदाद इजाबत अज़ फ़लक