Home/Maulana Muhammad Jamil-ur-Rehman Razvi/Ba-hamd-e-Allah Abdullah ka noor-e-nazar aya

ब-हम्द-ए-अल्लाह अब्दुल्लाह का नूर-ए-नज़र आया

Written by Maulana Muhammad Jamil-ur-Rehman Razvi

100%
ब-हम्द-ए-अल्लाह अब्दुल्लाह का नूर-ए-नज़र आया मुबारक आमना का नूर-ए-दिल लख़्त-ए-जिगर आया ये अब्दुल मुत्तलिब की ख़ूबी-ए-क़िस्मत कि उन के घर चिराग़-ए-ला-मकाँ कौन-ओ-मकाँ का ताजवर आया वो ख़त्म-उल-अम्बिया तशरीफ़ फ़र्मा होने वाले हैं नबी हर एक पहले से सुनाता ये ख़बर आया रबी-उल-पाक तुझ पे अहले-सुन्नत क्यों न क़ुर्बान हों कि तेरी बारहवीं तारीख़ वो जान-ए-क़मर आया हुए जब जलवा फ़र्मा शाह-ए-ज़ीशान दुनिया में हर एक क़ुदसी फ़लक से बहर-ए-पा-बोसी उतर आया झुका जाता है सजदे के लिए इस वास्ते काबा कि मस्जूद-ए-मलाइका आज इस में जलवा-गर आया