Home/Imam Ahmad Raza Khan Qadri/God Mein Aalam-e-Shabab Haal-e-Shabab Kuch Na Poochh

गोद में आलम-ए-शबाब हाल-ए-शबाब कुछ न पूछ

Written by Imam Ahmad Raza Khan Qadri

100%
गोद में आलम-ए-शबाब हाल-ए-शबाब कुछ न पूछ गुलबन-ए-बाग़-ए-नूर की और ही कुछ उठान है तुझ सा सियाह कार कौन उन सा शफ़ीअ है कहाँ फिर वो तुझी को भूल जायें दिल यह तेरा गुमान है पेश-ए-नज़र वो नौ-बहार सज्दे को दिल है बे-क़रार रोकिये सर को रोकिये हाँ यही इम्तिहान है शान-ए-ख़ुदा न साथ दे उन के ख़िराम का वो बाज़ सिदरा से ता ज़मीं जिसे नर्म सी इक उड़ान है बार-ए-जलाल उठा लिया गरचे कलीजा शक़ हुआ यूँ तो यह माह-ए-सब्ज़ा रंग नज़रों में धान है ख़ौफ़ न रख रज़ा ज़रा तू तो है अबद-ए-मुस्तफ़ा तेरे लिये अमान है तेरे लिये अमान है