हुईं उम्मीदें बार-आवर मदीना आने वाला है
झुकालो अब अदब से सर मदीना आने वाला है
पिलादे साक़िया सागर मदीना आने वाला है
अता अब कैफ़-ओ-मस्ती कर मदीना आने वाला है
अता हो मुझ को चश्म-ए-तर मुझे दे दो दिल-ए-मुज़्तर
ज़रा जल्दी मेरे सरवर! मदीना आने वाला है
तड़पने का क़रीना दो मुझे दो चाक-ए-सीना दो
पये शब्बीर और शब्बर मदीना आने वाला है
मुबारक हो गुनहगारो! ख़ता-कारो! सियाह-कारो
तुम्हें अब आसियो! क्या डर मदीना आने वाला है
मदीने के मुसाफ़िर पर छमा-छम रहमतों की अब
है बारिश ख़ूब ज़ोरों पर मदीना आने वाला है
पढ़ो ए ज़ाइरो! मिल कर दुरूद उन पर सलाम उन पर
लुटाओ अश्क के गौहर मदीना आने वाला है
ठहर जा रूह-ए-मुज़्तर तू निकल जाना मदीने में
ख़ुदारा अब ना जल्दी कर मदीना आने वाला है
दुरूद-ए-पाक के गजरे सलाम-ओ-नअत के तोहफ़े
बढ़ो ए ज़ाइरो! लेकर मदीना आने वाला है
ख़ुशी से ज़ाइरो! झूमो फ़ज़ाएं झूम कर चूमो
बस आया रौज़ा-ए-अनवर मदीना आने वाला है
निकाल अब पाओं से जूता क़रीब-ए-तैयबा तू पहुँचा
ए ज़ाइर! होश अब तू कर मदीना आने वाला है
वो बरसा नूर का झाला समां है ख़ूब अजियाला
है कैसा दिल-कुशा मंज़र मदीना आने वाला है
मुबारक ग़म के मारों को मुबारक बे-सहारों को
घुले हैं रहमतों के दर मदीना आने वाला है
फ़ज़ाएं भी मुनव्वर हैं, हवाएं भी मुअत्तर हैं
समां रंगीन-ओ-कैफ़-आवर मदीना आने वाला है
मेरी हो आरज़ू पूरी मुझे मिल जाए मंज़ूरी
बक़ी-ए-पाक की सरवर मदीना आने वाला है
वसीला चार यारों का उहुद के जाँ-निसारों का
दिखा दो इक झलक सरवर मदीना आने वाला है
निकालो, मुस्तफ़ा प्यारे! ख़याल-ए-ग़ैर अब सारे
हमारे क़ल्ब से बाहर मदीना आने वाला है
उठो ता'ज़ीम की ख़ातिर पढ़ो तकरीम की ख़ातिर
सलाम ए ज़ाइरो! मिल कर मदीना आने वाला है
उठो अत्तार अब उठो! ज़रा वो ग़ौर से देखो
है छाया नूर हर शै पे मदीना आने वाला है