जाँ बलव हूँ आ मेरी जाँ अल-ग़ियास
होते हैं कुछ और सामाँ अल-ग़ियास
दर्द मंदों को दवा मिलती नहीं
ऐ दवा-ए-दर्द मंदां अल-ग़ियास
जाँ से जाते हैं बेचारे ग़रीब
चारा फ़र्माए ग़रीबां अल-ग़ियास
हद से गुज़रें दर्द की बे-दर्दियां
दर्द से बे-हद हूँ नालां अल-ग़ियास
बे-क़रारी चैन लेती ही नहीं
ऐ क़रार-ए-बे-क़रारां अल-ग़ियास
हसरतें दिल में बहुत बे-चैन हैं
घर हुआ जाता है ज़िंदां अल-ग़ियास
ख़ाक है पामाल मेरी गो बुगो
ऐ हवा-ए-गोये जानां अल-ग़ियास
अल-मदद ऐ ज़ुल्फ़-ए-सरवर अल-मदद
हूँ बलाओं में परेशां अल-ग़ियास
दिल की उलझन दूर कर गेसू-ए-पाक
ऐ करम के सुम्बुलां अल-ग़ियास
ऐ सर-ए-पुरनूर ऐ रहबर-ए-ख़ुदा
हूँ सरासीमा परेशां अल-ग़ियास
ग़मज़दों की शाम है तारीक रात
ऐ जबीं ऐ माह-ए-ताबान अल-ग़ियास
अबरू-ए-शाह काट दे ज़ंजीर-ए-ग़म
तेरे सदक़े तेरे क़ुरबां अल-ग़ियास
दिल के हर पहलू में ग़म की फांस है
मैं फ़िदा मिज़गान-ए-जानां अल-ग़ियास
चश्म-ए-रहमत आ गया आँखों में दम
देख हाल-ए-ख़स्ता हालां अल-ग़ियास
मुर्दन-ए-ऐ मेहर-ए-नूर-ए-ज़ात-ए-बख़्त
हैं सियह बख़्ती के सामाँ अल-ग़ियास
तीर-ए-ग़म के दिल में छेद कर रह गए
ऐ निगाह-ए-मेहर-ए-जानां अल-ग़ियास
ऐ करम की कान ऐ गोश-ए-हुज़ूर
सुन ले फ़र्याद-ए-ग़रीबां अल-ग़ियास
आरिज़-ए-रंगीं ख़िज़ां को दूर कर
ऐ जनां आरा गुलिस्तां अल-ग़ियास
बेनी पुरनूर हाल-ए-माह-ए-बह हैं
नाक में दम है मेरी जाँ अल-ग़ियास
जाँ बलव हूँ जाँ बलव पर रहम कर
ऐ लब ऐ ईसा-ए-दौरां अल-ग़ियास
ऐ तबस्सुम ग़ुंचा-ए-दिल की जाँ
खेल चलें मुरझाई कलियां अल-ग़ियास
ऐ दहन ऐ चश्मा-ए-आब-ए-हयात
मर मिटे दे आब-ए-हयवां अल-ग़ियास
दुर-ए-मक़सद के लिए हूँ ग़र्क़-ए-ग़म
गौहर-ए-शादाब दंदां अल-ग़ियास
ए अमामा दु-ए गर्दिश दूर कर
गर्द फिर फिर हूँ क़ुर्बान अल-ग़ियास
नीचे नीचे दामनों वाली अबा
ख़्वार है ख़ाक-ए-ग़रीबाँ अल-ग़ियास
पड़ गई शाम-ए-अलम मेरे गले
जलवा-ए-सुब्ह-ए-ग़रीबाँ अल-ग़ियास
खोल मुश्किल की गिरह बंद-ए-क़बा
बंद-ए-ग़म में हूँ परेशाँ अल-ग़ियास
आस्तीं नक़द-ए-अता दर आस्तीं
बे-नवा हैं अश्क रेज़ाँ अल-ग़ियास
चाक ऐ चाक-ए-जिगर के बखिया-गर
दिल है ग़म से चाक जानाँ अल-ग़ियास
ऐब खुलते हैं गदा के रोज़-ए-हश्र
दामन-ए-सुल्तान-ए-ख़ूबाँ अल-ग़ियास
दौर-ए-दामन दौर दौरा है तेरा
दूर कर दूरी का दौराँ अल-ग़ियास
हूँ फ़ुसुर्दा खातिर ऐ गुलगूँ क़बा
दिल खुला दें तेरी कलियाँ अल-ग़ियास
दिल है टुकड़े टुकड़े पैवंद-ए-लिबास
ऐ पनाह-ए-खस्ताहालाँ अल-ग़ियास
है फटे हालों मेरा रख्त-ए-अमल
ऐ लिबास-ए-पाक-ए-जाँ अल-ग़ियास
नअल-ए-शह इज़्ज़त है मेरी तेरे हाथ
ऐ वक़ार-ए-ताज-ए-शाहाँ अल-ग़ियास
ऐ शरक नअल-ए-पाक-ए-मुस्तफ़ा
ज़ेर-ए-निशतर है रग-ए-जाँ अल-ग़ियास
शाना-ए-शह दिल है ग़म से चाक चाक
ऐ अनीस-ए-सीना चाकाँ अल-ग़ियास
सुरमा ऐ चश्म-ओ-चिराग़-ए-कोह-ए-तूर
है सियह शाम-ए-ग़रीबाँ अल-ग़ियास
टूटा है दम में डोरा साँस का
रेशा-ए-मिस्वाक-ए-जानाँ अल-ग़ियास
आईना ऐ मंज़िल-ए-अनवार-ए-क़ुद्स
तीरा बख्ती से हूँ हैराँ अल-ग़ियास
सख्त दुश्मन है हुस्न की ताक में
अल-मदद महबूब-ए-यज़दाँ अल-ग़ियास
खमीदा सर गिरफ्तार-ए-क़ज़ा है
कशीदा खंजर-ए-जल्लाद या ग़ौस
अंधेरी रात जंगल में अकेला
मदद का वक़्त है फ़रियाद या ग़ौस
खिला दो गुंचा-ए-खातिर कि तुम हो
बहार-ए-गुलशन-ए-ईजाद या ग़ौस
मेरे ग़म की कहानी आप सुन लें
कहूँ मैं किस से यह रूदाद या ग़ौस
रहूँ आज़ाद क़ैद-ए-इश्क़ कब तक
करो उस क़ैद से आज़ाद या ग़ौस
करोगे कब तक अच्छा मुझ बुरे को
मेरे हक़ में है क्या इरशाद या ग़ौस
ग़म-ए-दुनिया ग़म-ए-क़ब्र ओ ग़म-ए-हश्र
ख़ुदारा कर दे मुझ को शाद या ग़ौस
हस्सान माँगता है दे दे भीक दाता
रहे यह राज़ पाट आबाद या ग़ौस