Home/Maulana Muhammad Jamil-ur-Rehman Razvi/Khuda ne jis ke sar par taaj rakha apni rehmat ka

ख़ुदा ने जिस के सर पर ताज रखा अपनी रहमत का

Written by Maulana Muhammad Jamil-ur-Rehman Razvi

100%
ख़ुदा ने जिस के सर पर ताज रखा अपनी रहमत का दरूद उस पे हो वो हाकिम बना मुल्क-ए-रिसालत का वो माही-ए-कुफ़्र ओ ज़ुल्मत शिर्क ओ बिदअत ओ ज़लालत का वो हाफ़िज़ अपनी मिल्लत का वो नासिर अपनी उम्मत का मदावा कैसे फ़रमाए कोई बीमार-ए-फ़ुरक़त का के दीदार-ए-नबी मरहम है इस दिल की जराहत का असर क्या हो सके गा मेहर-ए-महशर की हरारत का हमारे सर पे होगा शामियाना उन की रहमत का कभी दीदार-ए-हक़ होगा कभी नज़ारा हज़रत का हमें हंगामा-ए-ईदैन होगा दिन क़यामत का न क्यों हो आश्कारा तेरा जलवा ज़र्रा ज़र्रा में शहंशाह-ए-मदीना तू है परतू नूर-ए-वहदत का दम-ए-आख़िर सर-ए-बालीं ख़राम-ए-नाज़ फ़रमाओ ख़ुदारा हाल देखो मुब्तला-ए-दर्द-ए-फ़ुरक़त का