सुन लो मेरी इल्तिजा अच्छे मियां
मैं तसद़्क़ में फ़िदा अच्छे मियां
अब कमी क्या है ख़ुदा दे बंदा ले
मैं गदा तुम बादशाह अच्छे मियां
दीन ओ दुनिया में बहुत अच्छा रहा
जो तुम्हारा हो गया अच्छे मियां
इस बुरे को आप अच्छा कीजिए
आप अच्छे में बुरा अच्छे मियां
ऐसे अच्छे का बुरा हूँ मैं बुरा
जिन को अच्छों ने कहा अच्छे मियां
मैं हवाले कर चुका हूँ आप के
अपना सब अच्छा बुरा अच्छे मियां
आप जानें मुझ को उस की फ़िक्र क्या
मैं बुरा हूँ या भला अच्छे मियां
मुझ बुरे के कैसे अच्छे हैं नसीब
मैं बुरा हूँ आप का अच्छे मियां
अपने मांगता को बुला कर भीक दी
ऐ मैं क़ुर्बान अता अच्छे मियां
मुश्किलें आसान फ़रमा दीजिए
ऐ मेरे मुश्किल कुशा अच्छे मियां
मेरी झोली भर दो दस्त-ए-फ़ैज़ से
हाज़िर-ए-दर है गदा अच्छे मियां
दम-ए-क़दम की ख़ैर मांगता हूँ तेरा
दम-ए-क़दम की ख़ैर ला अच्छे मियां
जाँ-लब हूँ दर-ए-इसयां से हुज़ूर
जाँ-लब को दो शफ़ा अच्छे मियां
दुश्मनों की है चढ़ाई अल-ग़ियास
है मदद का वक़्त या अच्छे मियां
नफ़्स-ए-सरकश दर-पए-आज़ार है
है मदद का वक़्त या अच्छे मियां
शाम है नज़दीक सहरा होलनाक
है मदद का वक़्त या अच्छे मियां
नज़अ की तकलीफ़ अग़वा-ए-अदू
है मदद का वक़्त या अच्छे मियां
वो सवाल-ए-क़ब्र वो शक्लें मुहीब
है मदद का वक़्त या अच्छे मियां
पुर्सिश-ए-आमाल और मुझ सा असीम
है मदद का वक़्त या अच्छे मियां
बार-ए-इसयां सर पे रअशा पाँव में
है मदद का वक़्त या अच्छे मियां
ख़ाली हाथ आया भरे बाज़ार में
है मदद का वक़्त या अच्छे मियां
मुजरिम-ए-नाकारा ओ दीवान-ए-अज़ल
है मदद का वक़्त या अच्छे मियां
पूछते हैं क्या कहा था क्या क्या
है मदद का वक़्त या अच्छे मियां
पा-शिकस्ता और उबूर-ए-पुल-ए-सिरात
है मदद का वक़्त या अच्छे मियां
ख़ाइन ओ ख़ाती से लेते हैं हिसाब
है मदद का वक़्त या अच्छे मियां
भूल जाऊं न मैं सीधी राह को
मेरे अच्छे रहनुमा अच्छे मियां
तुम मुझे अपना बना लो बहरे गौस
मैं तुम्हारा हो चुका अच्छे मियां
कौन दे मुझ को मुरादें आप दें
मैं हूं किस का आप का अच्छे मियां
ये घटाएं ग़म की ये रोज़े सियाह
मेहरे फ़रमा महे ल़क़ा अच्छे मियां
अहमदे नूरी का सदक़ा हर जगह
मुंह उजाला हो मेरा अच्छे मियां
आंख नीची दोनों आलम में न हो
बोल बाला हो मेरा अच्छे मियां
मेरे भाई जिन को कहते हैं रज़ा
जो हैं उस दर के गदा अच्छे मियां
उन की मुंह मांगी मुरादें हों हुसूल
आप फ़रमाएं अता अच्छे मियां
उम्र भर मैं उन के साया में रहूं
उन पे साया आप का अच्छे मियां
मुझ को मेरे भाईयों को हश्र तक
हो न ग़म का सामना अच्छे मियां
मुझ पे मेरे भाईयों पर हर घड़ी
हो करम सरकार का अच्छे मियां
मुझ से मेरे भाईयों से दूर हो
दुखे मरज़ हर क़िस्म का अच्छे मियां
मेरी मेरे भाईयों की हाजतें
फ़ज़्ल से कीजे रवां अच्छे मियां
हम ग़ुलामों के जो हैं लख्ते जिगर
खुश रहें सब दाइमां अच्छे मियां
पंजतन का साया पांचों पर रहे
और हो फ़ज़्ले ख़ुदा अच्छे मियां
सब अज़ीज़ों सब क़रीबों पर रहे
साया फ़ज़्ल ओ अता अच्छे मियां
गौसे आज़म क़ुत्बे आलम के लिए
रद न हो मेरी दुआ अच्छे मियां
हो हुस्ने सरकार वाला का हुस्न
कीजिए ऐसी अता अच्छे मियां