बेहतरी जिस पे करे फ़ख़्र वो बेहतर सिद्दीक़
सरवरी जिस पे करे नाज़ वो सरवर सिद्दीक़
चमनिस्तान-ए-नबुव्वत की बहार-ए-अव्वल
गुलशन-ए-दीन के बने पहले गुल-ए-तर सिद्दीक़
बे-गुमाँ शम-ए-नबुव्वत के हैं आईना चार
यानी उस्मान-ओ-उमर हैदर-ओ-अकबर सिद्दीक़
सारे असहाब-ए-नबी तारे हैं उम्मत के लिए
इन सितारों में बने मेहर-ए-मुनव्वर सिद्दीक़
सानी-ए-इसनैन हैं अबु बकर खुदा गवाह
हक़ मुक़द्दम करे फिर क्यों مؤख़र सिद्दीक़
ज़ीस्त में मौत में और क़ब्र में सानी ही रहे
सानी-ए-इसनैन के इस तरह हैं मज़हर सिद्दीक़
वल-लज़ीना माअहू के हैं ये फ़र्द-ए-कामिल
हश्र तक पाए-नबी पर धरे सर सिद्दीक़
उन के मद्दाह नबी उन का सना-गो अल्लाह
हक़ अबुल फ़ज़्ल कहे और पैग़ंबर सिद्दीक़