सुलताने औलिया को हमारा सलाम हो जीलानी के पेशवा को हमारा सलाम हो
प्यारे हसनो हुसैन के लाडले महबूबे मुस्तफ़ा को हमारा सलाम हो
वो ग़ौस जिस के ख़ौफ़ से जिन्नात कांप उठें उस दाफ़ए बला को हमारा सलाम हो
छोड़ा है मां का दूध भी माहे स्याम में सरताजे अतक़िया को हमारा सलाम हो
सब औलिया की गर्दनें ज़ेरे क़दम हैं सरदारे असफ़िया को हमारा सलाम हो
दिल की जो बात जान ले रोशन ज़मीर है उस मर्दे बा सफा को हमारा सलाम हो
भटके हुओं को रास्ता सीधा दिखा दिया आलम के रहनुमा को हमारा सलाम हो
गिरते संभाल लें, डूबती कश्तियां तराएं ग़मख्वारे ग़म ज़दा को हमारा सलाम हो
पूरी मुराद जो करे और झोलियां भरे उस मखज़ने अता को हमारा सलाम हो
इज़्ने ख़ुदाए पाक से मुर्दे जलाए जो उस मज़हरे ख़ुदा को हमारा सलाम हो
कह कर "ला तखफ" हमें बे ख़ौफ़ कर दिया उस रहमते ख़ुदा को हमारा सलाम हो
पढ़ते रहो मुदाम ये अत्तार क़ादरी सुलताने औलिया को हमारा सलाम हो