Home/Muhammad Ilyas Attar Qadri/Sunnat ki bahaar aayi Faizan-e-Madina mein

Sunnat ki bahaar aayi Faizan-e-Madina mein

Written by Muhammad Ilyas Attar Qadri

100%
सुन्नत की बहार आई फैज़ान-ए-मदीना में रहमत की घटा छाई फैज़ान-ए-मदीना में इस शहर के आए हैं बाहर से भी आए हैं सरकार के शैदाई फैज़ान-ए-मदीना में दाढ़ी है अमामे हैं ज़ुल्फों की बहारें हैं शैतान को शर्म आई फैज़ान-ए-मदीना में लहमाते मुसर्रत हैं दीवाने बड़े खुश हैं क्यों झूमे न हर भाई फैज़ान-ए-मदीना में सुन्नत की बहारों का कुछ ऐसा समां छाया फैशन को हया आई फैज़ान-ए-मदीना में उल्फत के उखूवत के क्या खूब मनाज़िर हैं गोया हैं सगे भाई फैज़ान-ए-मदीना में वो लोग ही आते हैं और फैज़ उठाते हैं तकदीर जिन्हें लाई फैज़ान-ए-मदीना में अपने हों या बेगाने यूं मिलते हैं दीवाने जैसे हो शनासाई फैज़ान-ए-मदीना में दर्द अपने दिलों में जो इस्लाम का रखते हैं है उन की पज़ीराई फैज़ान-ए-मदीना में अल्लाह करम कर दे तू बख्श दे उन सब को मजूद हैं जो भाई फैज़ान-ए-मदीना में सुन्नत का लिये जज़्बा आए जो यहां उस की है हौसला अफज़ाई फैज़ान-ए-मदीना में इबलिसे लईं सुन ले अब खैर नहीं तेरी शामत तेरी आई फैज़ान-ए-मदीना में फैज़ान-ए-मदीना में फैज़ान-ए-मदीना है फैज़ान है आका फैज़ान-ए-मदीना में फैज़ान-ए-मदीना ही है दावते इस्लामी फैज़ान है मौलाई फैज़ान-ए-मदीना में मकबूल जहां भर में हो दावते इस्लामी हर लब पे दुआ आई फैज़ान-ए-मदीना में आका हो करम सब पर बुलवाए मदीने आए हैं तमन्नाई फैज़ान-ए-मदीना में सरकार अता कर दो गम सब को मदीने का जितने हैं यहां भाई फैज़ान-ए-मदीना में किस्मत का सिकंदर है ज़ोरों पे मुकद्दर है जिस ने भी जगह पाई फैज़ान-ए-मदीना में आज आका के दीवाने क्या मस्त हैं मस्ताने अत्तार है ईद आई फैज़ान-ए-मदीना में