Home/Muhammad Ilyas Attar Qadri/Tere Deedar Ka Taalib Lage Aas Baitha Hoon

तेरे दीदार का तालिब लगे आस बैठा हूँ

Written by Muhammad Ilyas Attar Qadri

100%
तेरे दीदार का तालिब लगे आस बैठा हूँ ख़ुदारा अब दिखा दे रू-ए-ताबां या रसूलल्लाह मरा सीना मदीना हो मदीना मेरा सीना हो रहे सीने में तेरा दर्द-ए-पन्हां या रसूलल्लाह सुनेहरी जालियां हों आप हों और मुझ सा आसी हो वहीं ये जां जुदा हो जान-ए-जानां या रसूलल्लाह मुझे हर याले गुम्बद के तले क़दमों में मौत आए सलामत ले के जाऊँ दीन-ओ-ईमां या रसूलल्लाह नहीं हुस्न-ए-अमल कोई मरे आमाल नामे में तेरी रहमत मेरी बख़्शिश का सामां या रसूलल्लाह पड़ोसी ख़ुल्द में बदकार को अपना बना लीजे जहाँ हैं इतने एहसां और एहसां या रसूलल्लाह मदीने में शहा अत्तार को दोगज़ ज़मीं दे दे वहीं हो दफ़न ये तेरा सना-ख़्वां या रसूलल्लाह