Home/Muhammad Ilyas Attar Qadri/Thandi Thandi Hawa Haram Ki Hai

Thandi Thandi Hawa Haram Ki Hai

Written by Muhammad Ilyas Attar Qadri

100%
ठंडी ठंडी हवा हरम की है बारिश अल्लाह के करम की है आमना के मकाँ पे रोज़ ओ शब बारिश अल्लाह के करम की है जो हरम का अदब करें उन पर बारिश अल्लाह के करम की है नूरी चादर तनी है काबे पर बारिश अल्लाह के करम की है मुल्तज़म और बीरे ज़म ज़म पर बारिश अल्लाह के करम की है बाब ओ मीज़ाब ओ हजरए असवद पर बारिश अल्लाह के करम की है मुस्तजार और रुकने शामी पर बारिश अल्लाह के करम की है कैसा रुकने इराक़ी है निखरा बारिश अल्लाह के करम की है मुस्तजाब ओ हतीम पर बे शक बारिश अल्लाह के करम की है रहमतें हैं मताफ़ पर भी और बारिश अल्लाह के करम की है पाक घर के तवाफ़ वालों पर बारिश अल्लाह के करम की है मकए पाक पर मदीने पर बारिश अल्लाह के करम की है सबज़ गुम्बद पे रहमतें हैं और बारिश अल्लाह के करम की है काअबाए पाक पर मीनारों पर बारिश अल्लाह के करम की है उन के मेहराब और मिम्बर पर बारिश अल्लाह के करम की है या इलाही! ग़मे मदीना दे इल्तिजा मुस्तफ़ा के ग़म की है क़ल्बे मुज़्तर की लाज रख मौला ये सदा मेरी चश्मे नम की है जो नज़र आ रही है हर जानिब सब बहार उन के दमे क़दम की है मेरे मौला ग़मे मदीना ही आबरू मेरी चश्मे नम की है सोज़िशे सीना ओ जिगर दे दे आरज़ू मुझ को चश्मे नम की है ख़ूँ रुलाये सदा तेरी उल्फ़त आरज़ू ऐसी चश्मे नम की है आफ़तों से बचा ले या अल्लाह मुझ पे यलगार रंज ओ ग़म की है बिगड़ी तक़दीर अभी संवर जाये देर एक जुम्बिशे क़लम की है क़ाफ़िलों में सफ़र करो यारो! बाक़ियाते राह ये इरम की है सारे अपनाओ मदनी इनामात गर तुम्हें आरज़ू इरम की है लायके नार हैं मेरे आमाल इल्तिजा या ख़ुदा करम की है अपनी उम्मत की मग़फ़िरत हो जाये आरज़ू शाफ़िए उम्मम की है बख़्श दे अब तो मुझ को या अल्लाह ये दुआ तुझ से चश्मे नम की है दे दे क़ुफ़्ले मदीना या अल्लाह हो करम इल्तिजा करم की है काश! हर साल हज्ज करे अत्तार अर्ज़ बदकार पर करम की है