Home/Muhammad Ilyas Attar Qadri/"Tu na hum ko bhool ja" kehna kaisa?

"तू न हम को भूल जा" कहना कैसा?

Written by Muhammad Ilyas Attar Qadri

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सवाल: दुआ में यह अशआर पढ़ना कैसा है? या ख़ुदा! अपने न आईन-ए-करम को भूल जा हम तुझे भूले हैं लेकिन तू न हम को भूल जा है दुआ-ए-बिस्मिल-ए-नीम जां, कि मेरी ख़ताओं को भूल जा है मुझे तो तेरा ही आसरा, तू ग़फ़ूर है तू रहीम है जवाब: भूलना के असल मानी याद न रहना है। तो अगर क़ाइल की यही मुराद है तब तो कुफ़्र है और कहने वाले ने लफ़्ज़ भूलना को छोड़ना के मानी में इस्तेमाल किया तो कुफ़्र नहीं।