तू रब है मेरा मैं बंदा तेरा सुब्हानल्लाह सुब्हानल्लाह
ऐ खालिक-ओ-मालिक रब-ए-आला सुब्हानल्लाह सुब्हानल्लाह
हम मांगते हैं तू मुअ़ती है हम बंदे हैं तू मौला है
मोहताज तेरा हर शाह-ओ-गदा सुब्हानल्लाह सुब्हानल्लाह
हम जुर्म करें तो अफ़्व करे हम क़हर करें तो मेहर करे
घेरे है जहां को फ़ज़्ल तेरा सुब्हानल्लाह सुब्हानल्लाह
तू वाली है हर बेकस का तू हामी है हर बेबस का
हर एक के लिए दर तेरा खुला सुब्हानल्लाह सुब्हानल्लाह
राज़िक है मूर-ओ-मगस का तू ग़फ़्फ़ार है नेक-ओ-बद का तू
है सब पर तेरी जूद-ओ-अता सुब्हानल्लाह सुब्हानल्लाह
हम ऐबी हैं सत्तार है तू हम मुजरिम हैं ग़फ़्फ़ार है तू
बदकारों पर भी ऐसी अता सुब्हानल्लाह सुब्हानल्लाह
तेरे इश्क़ में रोए मुर्ग़-ए-सहर तेरा नाम है मरहम-ए-ज़ख़्म-ए-जिगर
तेरे नाम पे मेरी जान फ़िदा सुब्हानल्लाह सुब्हानल्लाह
ये सालिक मुजरिम आया है और खाली झोली लाया है
दे सदक़ा रहमत-ए-आलम का सुब्हानल्लाह सुब्हानल्लाह