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Ya Ali-ul-Murtaza Maula Ali Mushkil Kusha

Written by Muhammad Ilyas Attar Qadri

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या अली-उल-मुर्तज़ा मौला अली मुश्किल कुशा आप हैं शेर-ए-खुदा मौला अली मुश्किल कुशा साहब-ए-लुत्फ़-ओ-अता मौला अली मुश्किल कुशा हैं शहीद-ए-बा-वफ़ा मौला अली मुश्किल कुशा "इल्म का मैं शहर हूँ दरवाज़ा उस का हैं अली" है ये क़ौल-ए-मुस्तफ़ा मौला अली मुश्किल कुशा "जिस किसी का मैं मौला उस के मौला हैं अली" है ये क़ौल-ए-मुस्तफ़ा मौला अली मुश्किल कुशा पैकर-ए-ख़ौफ़-ए-खुदा ऐ आशिक़-ए-ख़ैर-उल-वरा तुम से राज़ी किब्रिया मौला अली मुश्किल कुशा बाद ख़ुलफ़ा-ए-सलासा सब सहाबा से बड़ा आप को रुतबा मिला मौला अली मुश्किलकुशा क़लअ-ए-ख़ैबर का दरवाज़ा उखाड़ा आप ने मरहबा! सद मरहबा! मौला अली मुश्किलकुशा पैकर-ए-जूदो सखा तू मैं फ़क़ीर ओ बे-नवा तू है दाता मैं गदा मौला अली मुश्किलकुशा शब्बर ओ शब्बीर के वालिद हो तुम माँ फ़ातिमा सैय्यद ओ सरदार हो मौला अली मुश्किलकुशा मैं गुनाहों का मरीज़ और आप हैं मेरे तबीब दीजिये मुझ को शफ़ा मौला अली मुश्किलकुशा जान को ख़तरा है मेरी दुश्मनों से हर घड़ी अल-मदद शेर-ए-ख़ुदा मौला अली मुश्किलकुशा हैदर-ए-र्रार ले के आओ तेग़-ए-ज़ुल्फ़िक़ार ज़ोर-ए-दुश्मन बढ़ चला मौला अली मुश्किलकुशा मग़फ़िरत करवाइये जन्नत में ले के जाइये वास्ता हसनैन का मौला अली मुश्किलकुशा दिल से दुनिया की मुहब्बत दूर कर के या अली! दीद-ए-इश्क़-ए-मुस्तफ़ा मौला अली मुश्किलकुशा अज़ पये ग़ौस-ुल-वरा हम को नजफ़ बलवाइये हो करम या मुर्तज़ा मौला अली मुश्किलकुशा शब्बर ओ शब्बीर के बाबा मुझे दीदार हो ख़्वाब में अब आप का मौला अली मुश्किलकुशा अश्कबार आँखें अता हों दिल की सख़्ती दूर हो दीजिये ख़ौफ़-ए-ख़ुदा मौला अली मुश्किलकुशा एक ज़र्रा अपनी उल्फ़त का इनायत कर मुझे अपना दीवाना बना मौला अली मुश्किलकुशा भीक लेने के लिये दरबार में मंगता तेरा ले के कशकोल आ गया मौला अली मुश्किलकुशा क्यों फिरूँ दर दर भला ख़ैरात लेने के लिये मैं फ़क़त मंगता तेरा मौला अली मुश्किलकुशा नफ़्स-ए-अम्मारा हो मग़लूब और सदा नाकाम हो वार हर शैतान का मौला अली मुश्किलकुशा बे-सबब बख़्शिश हो मेरी ये दुआ फ़रमाइये मुस्तफ़ा का वास्ता मौला अली मुश्किलकुशा कीजिये हक़ से दुआ ईमान पर हो ख़ातिमा ख़ैर से अत्तार का मौला अली मुश्किलकुशा