या खुदा मेरी मग़फ़िरत फ़रमा
बाग़-ए-फ़िरदौस मरहमत फ़रमा
दीन-ए-इस्लाम पर मुझे या रब
इस्तिक़ामत तू मरहमत फ़रमा
तू गुनाहों को कर मुआफ़ अल्लाह!
मेरी मक़बूल माज़रत फ़रमा
मुस्तफ़ा (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) का वसीला-ए-तौबा पर
तू इनायत मुदावमत फ़रमा
मौत ईमान पे दे मदीने में
और महमूद आक़िबत फ़रमा
तू शरफ़-ए-ज़ेर-ए-गुम्बद-ए-ख़ज़रा
मुझ को मरने का मरहमत फ़रमा
सरफ़राज़ और सुर्ख़रू मौला
मुझ को तू रोज़-ए-आख़िरत फ़रमा
मुश्किलों में मेरे खुदा मेरी
हर क़दम पर मुआविनत फ़रमा
मुझ को क़ुफ़्ल-ए-मदीना (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) पर या रब
तू इनायत मुदावमत फ़रमा
या खुदा मदनी क़ाफ़िलों पर भी
तू इनायत मुदावमत फ़रमा
काश! छोड़ूँ न मदनी इनामात
तू इनायत मुदावमत फ़रमा
हो न अत्तार हश्र में रुस्वा
बे-हिसाब इस की मग़फ़िरत फ़रमा